टमटर चटन कैसे बनएं

करीब डेढ़ सौ आबादी वाले इस मोहल्ले के लोगों को शुद्ध पेयजल तो दूर जरूरत का पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। पिछले दो माह से मोहल्ले के बाहर पासवान टोल स्थित चापाकल के सहारे महादलित परिवारों की ¨जदगी गुजर बसर हो रही है। मोहल्ले के लोग पंचायत से लेकर विभाग तक का चक्कर लगा चुके हैं। लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। लोगों को शक है कि इसके रख रखाव के पैसे का गोलमाल हो रहा है। सुनीता देवी बताती है कि दो माह से पानी की समस्या है, लेकिन कोई नहीं सुन रहा। नहाने से लेकर खाना पकाने में दिक्कत हो रही है। छेदी राउत बताते हैं कि शुरू से ही पानी टंकी से लाभ नहीं मिल रहा है। अक्सर खराब रहता है। एक चापाकल था वह भी वर्षों से खराब है। चंद्रकला देवी बताती है कि गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है। पासवान टोला में एक चापाकल है वहां भी भीड़ रहती है। जिस कारण घंटो कतार में लगना पड़ता है। कालो देवी की मानें तो पीएचइडी, जनप्रतिनिधि व प्रखंड स्तर के अधिकारी को इसकी जानकारी है लेकिन कोई नहीं सुन रहा। खासकर रात के अंधेरे में अनहोनी की आशंका बनी रहती है। मोहल्ले के लोगो ने बताया कि अगर जल्द निदान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।