tneb office assistant recruitment 2018

हमारे एक परिचित तो तीसरी लहर के प्रति इस कदर संवेदनशील हो गए हैं कि अपने परिवार के साथ-साथ मोहल्ले के कुत्तों को भी जागरूक करना चाहते हैं। सारे कुत्ते चौराहे पर शारीरिक दूरी की धज्जियां उड़ाते हुए एकत्र होते हैं और अपनी भाषा में मंत्रणा करते हैं। परिचित को यह सब नागवार गुजरता है, लेकिन कुत्ते कुछ सीखना ही नहीं चाहते। एक दिन मित्र हाथ-पैर में पट्टियां बांधे, लंगड़ाते हुए मिले। हमने पूछा कि क्या हुआ तो कराहते हुए बोले, ‘भलाई का जमाना ही नहीं रहा। कल रात मैं कुत्तों को मास्क पहना रहा था। उसी का नतीजा है।’