थलसेन अध्यक्ष 2020

सुन्नी मुस्लिमों के धर्म गुरु आला हजरत परिवार का प्रतिनिधित्व तौकीर करते हैं। मुस्लिमों के एक वर्ग में उनकी आवाज सुनी जाती है। आला हजरत दरगाह की दम के चलते ही वह बरेली और मुरादाबाद मंडल की 25 सीटों पर सीमित राजनीतिक प्रभाव रखते हैं। इसको भांपकर ही अपनी गोटियां चलते हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा से एक दिन पहले तौकीर ने अपना दम दिखाने के लिए एक जनसभा बुलाई। इसमें हरिद्वार की धर्म संसद के एक बयान को मुद्दा बनाकर अप्रत्यक्ष रूप से देश में गृहयुद्ध की धमकी तक दे डाली थी। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के साथ राजनीतिक बातचीत की लेकिन यह सफल नहीं रही। अब सोमवार को उन्होंने कांग्रेस को अचानक राजनीतिक समर्थन दे दिया। परंतु मंगलवार को कांग्रेस की बरेली के शहर अध्यक्ष के यहां बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने फिर हिंदुओं के खिलाफ आग उगली। केंद्र की कांग्रेस सरकार के समय में हुए दिल्ली के बाटला हाउस कांड पर बोले कि यदि वहां मारे गए लोगों की जांच करा ली जाती तो वह शहीद निकलते। तौकीर के बयान के कुछ देर बाद ही भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस ऐसे हिंदू विरोधी नेताओं को ही समर्थन देती है। कांग्रेस अब तौकीर के बयानों से दूरी दिखाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केबी त्रिपाठी कहते हैं कि तौकीर कांग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं। यदि हिंदू धर्म विरोधी बयान वह देते हैं तो यह कांग्रेस के नहीं हैं। क्या पार्टी उनसे अलग रास्ता करेगी के सवाल पर वह कहते हैं कि इस पर फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा। बाटला हाउस कांड पर वह कहते हैं कि यह कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुआ था। इसे सही नहीं ठहराया जा सकता।