तबयत खरब स्टेटस इन हंद

महीनों से क्रासिंग पर कई गड्ढे बन गए हैं। सड़क कटने व धंसने से कुछ गड्ढे इतने बड़े व चौड़े हो गए हैं कि ट्रक के पहिए भी समा जाते हैं। कार, जीप, दोपहिया वालों को तो और भी जोखिम रहता है। इन दिनों बरसात होने से उनमें पानी भर जाता है। इसमें चालक को अनुमान न होने से कई बार वाहन पलट जाते हैं। यह हाईवे होने से हर समय वाहनों का दबाव बना रहता है। जिले से रेफर होने वाले सैकड़ों मरीज इसी रास्ते से सांसों की गिनती करते प्रयागराज जाते हैं। वह भी इस समस्या के शिकार हो जाते हैं। गड्ढों में वाहनों के बार-बार फंसने से लोग परेशान होते हैं। यह समस्या अरसे से है। हद तो यह है कि एनएच के अधिकारी व मंडलायुक्त जैसे आला अफसर भी इधर से गुजरते हैं। मंत्री से लेकर तमाम विधायक तक जाते हैं, पर किसी को यह जनसमस्या नजर नहीं आती। लोग दुर्दशा लोग झेल रहे हैं। समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब रेल पटरी के बीच गहराई होने से वाहन फंस जाते हैं। ऐसे में लोगों की जान अटकी रहती है। वाहन चालक उसमें से निकलने के प्रयास में गाड़ी आड़ी-तिरछी करते हैं। सोमवार को बैरियर टूटने से सुबह सात बजे से दिन में दस बजे तक सैकड़ों वाहन फंसे थे। कई बाइक वाले तो खेतों, मेड़ों से होकर गए। इस समस्या के बारे में एसडीएम सदर मोहन लाल गुप्ता का कहना है कि समस्या गंभीर है। इसे दूर करने को एनएच को पत्र लिखा जाएगा।