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तहसील से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित गांव नागऊ में बाबा बाल ब्रह्म्मचारी राजमुनि महाराज हनुमान जयंती से तप पर बैठे हुए हैं। उन्होंने खुले आसमान के नीचे रेत पर अपना ठिकाना बनाया है। वह देश में सुख, शांति और समृद्धि के लिए ईश्वर की तपस्या कर रहे हैं। कई बार ग्रामीणों ने उन्हें तप से उठाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। तपती धूप में बैठे महात्मा को उठाने के लिए ग्रामीणों ने श्रीमछ्वागवत कथा का आयोजन उनकी तप स्थली के पास कराया है। कथा विगत चार दिन से कथा वाचक जितेन्द्र पाठक द्वारा सुनाई जा रही है। गंगा दशहरा पर उन्हें तप से उठाया जाएगा। इसे लेकर ग्रामीण काफी उत्साहित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निस्वार्थ भाव से महात्मा कड़ी धूप में तप कर रहे हैं। उनके खाने, पीने की व्यवस्था तप स्थली पर ही की जाती है। 251 फीट की पूंछ रही आकर्षण का केन्द्र