शद के गहने

बलरामपुर : कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। 14 लोग जिदगी गवां चुके हैं और संक्रमितों का आंकड़ा सात सौ पार पहुंच गया है लेकिन, फिर भी लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। जिला महिला अस्पताल की चौखट पर ही शारीरिक दूरी के नियम दम तोड़ देते हैं। यहां पांच दिन पहले तीन पॉजिटिव मिल चुके हैं लेकिन, फिर भी मरीज से अधिक तीमारदार पहुंच रहे हैं। जिससे शारीरिक दूरी के नियम तार-तार हो रहे हैं। यहां ओपीडी से लेकर,लेबर रूम, एसएनसीयू तक मरीजों की भीड़ दिन भर धक्का मुक्की करती रहती है। जिससे शारीरिक नियम तार-तार हो रहे हैं। सबसे खराब हालत तो महिला अस्पताल के ओपीडी वाले बरामदे की है। जहां छोटी सी जगह में मरीजों का रेला रहता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.महेश वर्मा, डॉ.सारिका साहू, डॉ.केएन पांडेय, डॉ. ज्योति तिवारी, डॉ.सीमा यादव सहित पांच डॉक्टरों की ओपीडी चलती है। साथ ही गर्भवती की जांच, बच्चों का टीकाकरण भी होता है। यही नहीं किशोरियों की काउंसिलिग भी यही होने लगी है, ऐसे में डॉक्टर को दिखाने व जांच कराने के लिए दिन भर जूझते रहते है।