सगंध अक्षय कुमर के हंद फल्म

सात सितंबर से चल रहा सर्वे 16 तक किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन हजार टीमें बनाई हैं। अब तक जिले में सर्वे टीमों द्वारा चार लाख 35 हजार 597 घरों का सर्वे किया गया है। इसमें 912 गर्भवती महिलाएं टीकाकरण से वंचित मिली हैं। उन्होंने कोरोना समेत जरूरी टीके लगवाए ही नहीं हैं। यही नहीं दो साल तक के 1595 बच्चे ऐसे मिले हैं, जो सामान्य टीकाकरण भी नहीं कराए थे। यानि उनको बीसीजी, हेपेटाइटिस जैसे टीके भी नहीं लगे हैं। ऐसे में वह खतरे में हैं। 45 साल और उससे अधिक आयु के 38 हजार व्यक्ति मिले ऐसे हैं, जो कोरोना का एक भी टीका नहीं लगवाए हैं। ऐसे लोगों को टीमों ने चिन्हित किया है। संबंधित सीएचसी से इनके जांच व उपचार की व्यवस्था की जा रही है। शासन कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका को लेकर गंभीर है। ऐसे में घर-घर जाकर ऐसे मरीजों की सूची बनाई जा रही है, जो अरसे से वायरल बुखार, खांसी और सांस फूलने, शरीर पर लाल दाने जैसे लक्षणों वाले हैं। इस विशेष अभियान में खासकर मरीजों की पहचान हो रही है, जो कोरोना के हमले से सबसे पहले चपेट में आ सकते हैं। इसमें बुखार पर तो फोकस रहेगा ही, टीबी से ग्रस्त मरीजों की भी सूची बनाई जाएगी, ताकि स्वास्थ्य विभाग को जिले की तस्वीर का पता चले। सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव का कहना है कि टीम सर्वे कर रही हैं। हर दिन की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। टीम में आशा, एएनएम, हेल्थ सुपरवाइजर समेत पांच लोग हैं। यह भी देखा जा रहा है कि ऐसे कितने लोग बीमार मिल रहे हैं, जो कोरोना का टीका लगवा चुके हैं।