सेक्स वडय करन कपूर

अत्‍यधिक जल का दोहन वैज्ञानिकों व भूगर्भ विशेषज्ञों का मानना है कि यह सब पानी के अत्यधिक दोहन, उसके रिचार्ज न होने के कारण जमीन की नमी खत्म होने, उसमें ज्यादा सूखापन आने, कहीं दूर लगातार हो रही भूगर्भीय हलचल की लहरें यहां तक आने व पानी में जैविक कूड़े से निकली मीथेन व दूसरी गैसों के इकट्ठे होने के कारण जमीन की सतह में अचानक गर्मी बढ़ जाने का परिणाम है। यह भयावह खतरे का संकेत है। पानी का अत्यधिक दोहन होने से जमीन के अंदर के पानी का उत्प्लावन बल कम या खत्म होने पर जमीन धंस जाती है और उसमें दरारें पड़ जाती हैं। इसे उसी स्थिति में रोका जा सकता है जब भूजल के उत्प्लावन बल को बरकरार रखा जाए। भूजल समुचित मात्र में रिचार्ज हो, पानी का दोहन नियंत्रित हो, संरक्षण, भंडारण हो ताकि वह जमीन के अंदर प्रवेश कर सके।