odisha army recruitment 2019

नई दिल्ली (पीटीआई) : हड़प्पा सभ्यता के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए एएसआई (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) ने लगभग एक दर्जन जगहों पर खुदाई शुरू कर दी है। ये साइटें यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में हैं। यूं तो पहले कई बार खुदाई हो चुकी है, लेकिन ऐसा पहली बार है, जब देश में हड़प्पा के पूरे नजारे को ढूंढा जा रहा है। खुदाई के स्थानों के बीच लिंक को खोज कर यह काम किया जाएगा। एएसआई के डायरेक्टर एस. फोनिया ने कहा, हमने पांच राज्यों में चुनिंदा जगहों पर खुदाई शुरू की है। इससे यह जाना जा सकेगा कि हड़प्पा सभ्यता का विस्तार कहां तक था। उन स्थानों के बीच आपस में क्या संबंध था, इस बात का भी पता लगाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में बागपत के सनौली में खुदाई हो रही है। इस स्थान का चयन महज एक संयोग था। यहां लोग जमीन को खेती के लिए समतल बनाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान पता चला कि हड़प्पा सभ्यता के समय यह एक प्रमुख स्थान था। खुदाई के दौरान 100 से अधिक कब्रिस्तान मिले हैं। वहां कलश, कटोरे, तलवारें, चूड़ियां, आभूषण और अन्य चीजें भी मिली हैं। पंजाब के रोपड़, राजस्थान के कलिबनागन, गुजरात के लोथल और हरियाणा के राखीगढ़ी में खुदाई के दौरान भी इसी तरह की वस्तुएं मिल रही हैं। हड़प्पा स्थलों पर खुदाई के काम में शामिल सुपरिंटेंडिंग आर्कियोलॉजिस्ट डी. वी. शर्मा ने कहा, अब हम इन स्थलों से सटे क्षेत्रों में खुदाई कर रहे हैं, ताकि इन जगहों के बीच रहे संबंधों और हड़प्पा काल की संस्कृति पर प्रकाश डाला जा सके। हम हड़प्पा काल के दौरान पानी के इंतजाम और सीवेज सिस्टम के बारे में भी जानने की कोशिश कर रहे हैं। खुदाई में मिली चीजों को जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है। अपने कुछ प्रोजेक्टों में हम आईआईटी कानपुर की भी मदद ले रहे हैं। खुदाई से जुड़े विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों के लिए एएसआई में स्पेशल सेल बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। इन अध्ययनों में रिमोट सेंसिंग, मैग्नेटिक व थर्मल रेजिस्टिविटी सर्वे और फोटोग्रामिट्री शामिल हैं। इसके अलावा, जीपीआर, जीपीएस, ३डी लेजर स्कैनर और संबंधित सॉफ्टवेयर खरीदने की भी योजना है। गौरतलब है कि विभिन्न खुदाइयों के दौरान मिलीं प्राचीन वस्तुएं एएसआई के दफ्तरों में इधर-उधर बिखरी पड़ी हैं। इन चीजों को सुरक्षित रखने के लिए तमाम सूचनाओं को डिजिटल रूप में लाए जाने की जरूरत है। क्या है हड़प्पा हड़प्पा सिंधु घाटी सभ्यता का एक प्रमुख नगर था। इसका काल 2600 से 1700 ईसा पूर्व था। सिंधु घाटी की अन्य 2 सभ्यताएं मोहनजोदड़ो और धौलावीरा थीं। मोहनजोदड़ो पाकिस्तान में है। इसमें सभ्यता 2600 से 1900 ईसा पूर्व में थी। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो के बारे में 1920 के दशक में पता चला। धौलावीरा का पता लगाने के लिए 1989 में खुदाई शुरू हुई। वहां लोग 3000 ईसा पूर्व में बसे थे और एक सदी तक यह सभ्यता रही। इन तीनों सभ्यताओं के शहर सुनियोजित ढंग से बसे थे। एक जैसी चौड़ी सड़कें, कुएं, नाले और स्नानघर थे। मकानों में इस्तेमाल की गई ईंटों का वजन और आकार भी समान होता था।