मंडर गर्डन ब्रह्मण मत मंदर

जिले में आयुष्मान भारत योजना के पात्र ढाई लाख हैं। एक परिवार में औसतन चार से पांच सदस्यों का कार्ड बन रहा है। अब तक तीन लाख से अधिक को गोल्डन कार्ड जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी नेत्र सर्जरी करने में सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने सरकार की मंशा को अंधेरे में झोंक दिया है। प्रताप बहादुर अस्पताल में हर दिन ऐसे दर्जनभर मरीज आते हैं, जो कार्ड धारक होते हैं। उनकी आंखों की जांच के बाद मोतियाबिद निकलता है, लेकिन उनका आपरेशन यहां मुश्किल हो जाता है। कड़वा सच यह है कि यहां आने वाले अधिकांश मरीजों को सुविधा ना होने का बहाना बताकर लौटा दिया जाता है। इसके बाद वही डाक्टर अपने निजी अस्पताल में आपरेशन करके मोटी कमाई करते हैं।