मैद क कचर बनने क वध

आयुर्वेद के अनुसार, खान-पान में कुछ सामान्य चीजों को आदत में लाने से पाचनतंत्र सक्रिय बना रहता है, जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है। अधिसंख्य लोग भोजन के पश्चात ठंडा पानी पीते हैं, जो पाचनतंत्र को सुस्त बनाता है। इससे एब्साप्र्शन, एसिमिलेशन, मेटाबॉलिज्म और डाइजेशन ठीक से काम नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप सही से पच न सका भोजन टॉक्सिन में परिवर्तित हो जाता है। गुनगुना पानी पाचन क्रिया को तेज कर देता है। परिस्थितियों को देखते हुए इस संक्रमण काल में आयुर्वेद में वर्णित जीवनशैली, संतुलित भोजन, आहारविहार, घर पर ही व्यायाम, योग, प्राणायाम सेहत के लिए बहुत जरूरी हैं।