mahanadicoal recruitment 2018 apply online

सीतामढ़ी : बीते दो दशक में शहर में धड़ाधड़ भवनों का निर्माण हुआ और रिहायशी बस्तियां बस गई। शहर की आबादी में भी इजाफा हो गया। लेकिन बसे मोहल्लों में नाला की व्यवस्था दुरुस्त नहीं रहने से जल जमाव की समस्या से लोगों को जूझना नियति बन गई है। शहर में जल निकासी की व्यवस्था सही नहीं रहने के कारण बाढ़ खत्म होने के बावजूद कई वार्ड के मोहल्ले आज भी जल-जमाव से जूझ रहे हैं। शहर के वार्ड 19, 20, 14, 15,16, 17 के अलावा रघुनाथपुरी, आदर्शनगर, खेलाफत बाग सहित कई मोहल्ले में अभी भी पानी जमा है। जहां से जमा पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं है। शहर के मुख्य पथ सहित अधिकांश गली-मोहल्लों में नाला बनाया गया है। लेकिन सही ढंग से निर्माण नहीं किए जाने के कारण उससे जल निकासी नहीं हो पाती है। निचले इलाकों में बसे ऐसे मोहल्लों से जल निकासी नहीं होने के कारण वहां अक्सर जल जमाव हो जाता है। गली-मोहल्लों में बनी नालियों का जुड़ाव मुख्य नाला से नहीं होने के कारण इससे जल निकासी नहीं हो पाती है। जिससे इन मोहल्लों में एक दिन के बारिश में भी जल जमाव हो जाता है। नदी के किनारे पूर्वी हिस्से में बसे मोहल्लों का पानी नाला द्वारा नदी में गिरता है, जिससे इन क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या नहीं रहती है लेकिन ¨रगबांध के अंदर बसे मोहल्ले से जल निकासी सही ढंग से नहीं हो पाती है। नगर परिषद की ओर से पूर्व में बनाए गए नाला भी जगह-जगह ध्वस्त हो जाम हो चुके हैं। जिससे नाला का पानी सड़क पर बहता रहता है। मुख्यपथ के किनारे बने नाला कई जगह ध्वस्त हो चुके हैं तो कई जगह अतिक्रमण के शिकार हो चुके हैं। उपर से यह भले ही नाला दिखता है लेकिन यह कूड़ेदान में तब्दील हो चुका है। जल-निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए शहर में कई जगहों क्रॉस ड्रेन की आवश्यकता है लेकिन नगर परिषद की ओर से इस ओर कोई ठोस पहल होती नहीं दिख रही है। यही वजह है कि एक दिन भी जमकर बारिश हो जाने के बाद मुख्य पथ के अलावा विभिन्न गली-मोहल्लों में पानी जमा हो जाता है। जमा पानी की निकासी संभव नहीं होने से एक पखवारा या एक महीना से भी अधिक दिनों तक पानी जमा रहता है। जबतक धूप से यह सूख न जाए। जमा पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। बीते सप्ताह ही वार्ड 14 महावीर नगर में जल जमाव के बीच रहने वाले एक परिवार के तीन बच्चों की मौत डायरिया से एक के बाद एक हो गई। इस मोहल्ला में भी बाढ़-बरसात का पानी बीते एक माह से जमा है।