कसन स्टेटस हंद

झाझा को अनुमंडल बनाने की मांग 1995 से हो रही है, लेकिन 2020 तक यह पूरा नहीं हो पाया, जबकि अनुमंडल बनने की सभी शर्तों को पूरा कर रहा है। नेताओं के आपसी खींचतान ने झाझा को बदहाली पर लाकर छोड़ दिया। प्रत्येक चुनाव में अनुमंडल बनाने की मांग उठती है। हर दल के नेता इसको पूरा करने का वादा करते हैं। चुनाव समाप्त होते ही नेता भूल जाते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत कई नेताओं ने चुनावी सभाओं में झाझा को अनुमंडल बनाने की बात कही है। अनुमंडल के झांसे में मतदाता सत्ताधारी दल के प्रत्याशी को विधानसभा पहुंचाने का कार्य करते रहे हैं, लेकिन इसका कोई असर सरकार पर नहीं हुआ। जदयू जिलाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री दामोदर रावत, विधायक डॉ. रविन्द्र यादव आदि ने विगत चुनाव में लोगों को अनुमंडल बनाने की बात कह चुके हैं।