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कुशीनगर: पशु चिकित्सालय दुदही की बदहाली को लेकर जिम्मेदारों की उदासीनता पशुपालकों पर भारी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल के दवा कक्ष में हमेशा ताला लटका रहता है। किसी भी पशुपालक को अस्पताल से दवा नहीं मिलती। यहां तैनात चिकित्सक भी समय से नहीं बैठते हैं। दुदही ब्लाक के 67 गांवों में गोवंशीय, महिष वंशीय व बकरियों को मिला कर कुल 86,200 पशु पंजीकृत हैं। पशु अस्पताल में एक चिकित्सक सहित चार कर्मचारी तैनात हैं। इसके अलावा गोड़रिया व जमुआन में दो पशु उपकेंद्र स्थापित हैं। पशुपालकों का कहना है कि यहां के कर्मचारी अक्सर दुदही पशु चिकित्सालय पर ही रहते हैं। इस वजह से उपकेंद्रों पर दवा नहीं मिल पाती, स्टोर में ताला बंद रहता है। गर्मी के मौसम में मुंहपका, खुरपका, बुखार आदि बीमारियां पांव पसारती हैं। पशुपालक 10-10 किमी दूर से पशुओं का इलाज कराने आते हैं। चिकित्सक के नहीं मिलने पर बिना इलाज व दवा के वापस लौटना पड़ता है। पशु चिकित्साधिकारी सप्ताह में एक या दो बार ही आते हैं। जिला पशु चिकित्साधिकारी डा. एसके सिंह ने कहा कि स्टोर में पर्याप्त दवाएं मौजूद हैं। अगर कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं तो शीघ्र ही औचक निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।