जस ८थ बर्ड एग्जम २०१९

एजेंसियां ॥ जम्मू जम्मू-कश्मीर पर केंद्र द्वारा नियुक्त वार्ताकारों ने रविवार को कहा कि रजौरी-पुंछ के सीमाई इलाके के लोग और 'आजादी' की मांग जम्मू-कश्मीर के बंटवारे के खिलाफ हैं। मुख्य वार्ताकार और वरिष्ठ पत्रकार दिलीप पडगांवकर ने रजौरी में पत्रकारों से कहा कि इलाके के लोगों की आकांक्षाएं कश्मीर के लोगों से बिल्कुल अलग है। ये लोग 'आजादी' और जम्मू-कश्मीर के बंटवारे के खिलाफ हैं। हम इनकी मांगों और सुझाव को भारत सरकार के सामने उठाएंगे। पडगांवकर ने कहा कि हम सभी लोगों, वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास करते हैं। एक टिकाऊ राजनीतिक समाधान द्वारा जम्मू और कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम तीनों क्षेत्रों के लोगों की मांगों, आकांक्षाओं और उनके ऊपर ध्यान दे रहे हैं। पडगांवकर फिलहाल एम. एम. अंसारी और राधा कुमार के साथ रजौरी और पुंछ के सीमाई जिलों की दो दिनों की यात्रा पर हैं। वार्ताकार को हर महीने डेढ़ लाख का मानदेय एजेंसियां ॥ नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के लिए नियुक्त तीन सदस्यीय वार्ताकार दल में हरेक सदस्य को डेढ़ लाख रुपये हर महीने मानदेय के रूप में मिलेंगे और राज्य के दौरे के दौरान उन्हें सरकारी अतिथि का सम्मान मिलेगा। गृह मंत्रालय ने एक आटीआई आवेदन के जवाब में यह खुलासा किया है। मंत्रालय के मुताबिक 13 अक्टूबर, 2010 को नियुक्त तीनों वार्ताकार जाने माने पत्रकार दिलीप पडगांवकर, शिक्षाविद् राधा कुमार और अर्थशास्त्री एम. एम. अंसारी को विज्ञान भवन में अपने कार्यालय, कॉन्फं्रेस और स्टाफ के लिए तीन कमरे मिलेंगे। मंत्रालय ने कहा है कि जब तक उन्हें कार्यालय के लिए विज्ञान भवन में में कमरे नहीं मिल जाते तब तक वे इंडिया इंटरनैशनल सेंटर में अपनी बैठक कर सकते हैं।