जल परषद क मुख्य कर्य क्य है

जनपद में 352 विद्यालय हैं, जो चहारदीवारी विहीन हैं। आए दिन पशु के साथ ही अन्य लोग भी चहारदीवारी न होने से विद्यालय में प्रवेश कर जाते हैं। बच्चों के साथ भी खतरा होने की संभावना रहती है। शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर मनरेगा के तहत चहारदीवारी का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव दिया है। चहारदीवारी बनने से विद्यालयों में सामान और बच्चों की सुरक्षा बेहतर हो जाएगी। खुला होने से स्कूल में अराजकतत्वों के साथ ही पशुओं का भी जमावड़ा हो जाता है। इन ब्लाकों के विद्यालयों की होगी चहारदीवारी