इनफर्मल लेटर इन हंद

शहर समेत गांव और कस्बों में लोग कोरोना की चपेट में हैं। आए दिन गांवों से दुखद समाचार मिल रहे हैं। हालांकि सरकारी आंकड़ों में गांवों में कुछेक की मौत कोरोना से हो रही है। अब सवाल उठता है कि यदि गांवों में मौत कोरोना से नहीं हो रही हैं तो अधिकतर मौत किस बीमारी से हो रही है? इस पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौन हैं। जब शहर में हालात बिगड़े, तब ग्रामीण अंचल की स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। एक साल पूर्व जब कोरोना ने दस्तक दी थी, तब गांवों में हालात सामान्य थे। अधिकतर संक्रमित और मौत शहरी क्षेत्रों में ही हुई थी, लेकिन दूसरी लहर ने गांवों में तबाही मचा रखी है।