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घातक कोरोना वायरस की चपेट में इस वक्त पूरी दुनिया है। बीमारी के अबतक 1.54 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, वहीं मौतों की संख्या बढ़कर 631,000 से अधिक हो गई हैं। इस बीच तमाम देशों के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की वैक्सीन को ढूंढने की जद्दोजहद कर रहे हैं। कई देश इसके बेहद करीब भी पहुंच चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इस बीमारी से निपटने के लिए वैक्सीन (corona vaccine update) दुनिया को मिल सकती है।​एम्स में आज से शुरू होगा कोविड वैक्सीन का ट्रायलदेश में बनी कोविड वैक्सीन का ट्रायल एम्स में आज से शुरू हो जाएगा। पहले दिन 5 वॉलंटियर्स का वैक्सीनेशन होगा। कुल 10 मरीजों पर वैक्सीनेशन के बाद इनकी सेफ्टी का रिव्यू होगा। उसके बाद ट्रायल को आगे बढ़ाया जाएगा। दिल्ली एम्स सहित देश के 12 सेंटरों में चल रहे वैक्सीन के फेज-1 के ट्रायल का मुख्य मकसद सेफ्टी का आंकलन करना है। कुछ सेंटरों में वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो चुका है और वहां पर वॉलंटियर्स में अभी किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट्स नहीं पाए गए हैं, जो ट्रायल का पॉजिटिव संकेत है। ​साल के अंत तक तैयार होगी कोरोना वैक्सीन: फाइजरफाइजर कंपनी को उम्मीद है कि अक्टूबर की शुरुआत में उसे रेगुलेटरी से अप्रूवल मिल जाएगा और साल के अंत तक वह कोविड-19 वैक्सीन बाजार में उतार देगी। फाइजर अपने जर्मन साझेदार बायोएनटेक के सहयोग से वैक्सीन विकसित कर रही है। उसने 100 मिलियन मतलब 10 करोड़ डोज देने के लिए अमेरिकी सरकार के साथ लगभग 2 अरब डॉलर का सौदा भी किया है। फाइजर और बायोएनटेक ने एक बयान में कहा है कि वे 2021 के अंत तक संभावित रूप से 1.3 बिलियन से अधिक खुराक का उत्पादन कर सकते हैं। कनेक्टिकट के गवर्नर नेड लामोंट ने बुधवार कहा, ‘फाइजर इस दौड़ में सबसे आगे रहने वालों में से एक है। दौड़ के कई विजेता हो सकते हैं और हमें कई विजेताओं की जरूरत है।’