इंडय न्यूजलैंड लइव वनडे

पूर्व पार्षद मुकेश विजेता ने कहा कि हर साल गर्मी में पीने के पानी को लेकर गली-मोहल्लों में मारामारी होती है। निगम के नलों से पानी लेने के लिए लाइन लगती है। अभी जमीन में पानी है तब यह हाल है। जब जमीन का पानी खत्म हो जाएगा तब क्या होगा? इसलिए लोगों को पानी बचाने की मुहिम में शामिल होना होगा। समाजसेवी सोनिया सिंह ने कहा कि आज लोगों को पानी मिल रहा तो उसका महत्व नहीं समझ रहे। इसे बचाने को लेकर उदासीन हैं। अपने घर में एक सोख्ता तक बनाने को तैयार नहीं हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की बात तो दूर की है। हमें यह आदत बदलनी होगी। जल संरक्षण हमारी भी जिम्मेदारी है यह हमें समझना होगा।