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भभुआ। नगर पंचायत के गठन के दस वर्षों बाद भी वार्डों की सूरत नहीं बदली है। यहां रहने वालों को व्यवस्था का दर्द परेशान करता है। नगर पंचायत के गठन के बाद वार्ड वासियों पर सिर्फ टैक्स का बोझ बढ़ा है। सुविधाएं नदारद हैं। नगर पंचायत मोहनियां का वार्ड संख्या पांच रेल ओवर ब्रिज के नीचे अवस्थित है। इसके सामने वार्ड संख्या सात है। एक सड़क दोनों वार्ड को बांटती है। बगल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड लाइन है। वार्ड में समस्याओं का अंबार है। जलनिकासी के लिए नाला बना हुआ है। जिसका ढक्कन जगह-जगह टूटा है। जिससे बराबर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोग इसमें गिरकर घायल होते हैं। घरों के सामने ही यह नाला है। जिसे पार करके ही जाना है। मानक के अनुरूप नाला नहीं बना है। जीटी रोड के सर्विस लेने की तरफ दक्षिण दिशा में पानी का निकास होना था। लेकिन पानी उत्तर दिशा की तरफ से निकलता है। पहले वार्ड के उत्तर रेलवे लाइन की तरफ रैयती जमीन में पानी जमा होता था। अब भूस्वामी द्वारा अपने जमीन में पानी आने से रोक दिया गया है। जिससे वार्ड में जल निकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। बारिश होने पर वार्ड में घुटने पर पानी लग जाता है। जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। वार्डवासियों को हर घर नल जल योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है। यह योजना इन के लिए छलावा बनी हुई है। उक्त योजना के तहत वार्ड में बोरिग कराकर घरों तक पाइप बिछाया गया है। लेकिन जलापूर्ति नहीं होती है। वार्ड वासी शुद्ध पेयजल के लिए तरसते हैं। वार्ड के गलियां भी बदहाल हैं। गली के बीचो बीच नाली बनी है। इस पर लगा ढक्कन कई जगह टूटा हुआ है। रात के अंधेरे में गली से गुजरना मुश्किल होता है। चलना मुश्किल होता है। वार्ड में एक एलटी पोल है। जिसपर सैकड़ों तार झूल रहे हैं ढीले ढाले तार में प्रवाहित करंट से बार लोग घायल हुए हैं। वार्डवासियों ने कई बार विद्युत विभाग के पदाधिकारियों का इस तरफ ध्यानाकृष्ट किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मेन रोड से भीतर गली में भी इसी तरह विद्युत आपूर्ति हो रही है। घरों के सामने से सैकड़ों तार झूलते नजर आ रहे हैं। इसमें कई तार काफी कमजोर हैं। लोग जैसे तैसे तार लगाकर बिजली का उपभोग कर रहे हैं। वार्ड में सफाई व्यवस्था लचर है।