हल ल ब ल with ragini nayak

उन्होंने कहा कि वैसे तो कोई भी बंधन किसी को अच्छा नहीं लगता लेकिन रक्षा बंधन राखी के बंधन में हर व्यक्ति स्वेच्छा से खुशी-खुशी बंधना चाहता है। आखिर क्यों आज हम देखते है कि सारा समाज दुर्दशा में हैं। जब सभी नर नारी काम क्रोध के शिकंजे में जकड़े हुए तड़प रहे हैं। तब इनके विकारों से हम सबकी रक्षा के लिए कल्याणकारी ज्ञान सागर। परम पिता परमात्मा सभी मनुष्यों को मन वचन और कर्म की पवित्रता की ²ढ प्रतिज्ञा का कंगन बांधकर पवित्र बनने का संदेश देते हैं।