harish rai bachchan प रस क र सम म न

तहसील क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास वन विभाग का आरक्षित जंगल है, जिसमें बेशकीमती साल और सागौन के पेड़ खड़े हैं। पेड़ों पर शुरू से ही लकड़कट्टों की नजर है। आए दिन तस्करी की वारदातें होती रहती हैं। ठीक से निगरानी न होने के कारण बाहर से दिखने वाला हरा भरा जंगल अंदर से पूरी तरीके से खोखला हो गया है। अंदर वीरान सा नजर आ रहा है। गुरुवार की रात लकड़कट्टों ने आरक्षित जंगल से 6 साल के पेड़ों का कटान कर दिया और डीसीएम में लकड़ी को लाद लिया। जानकारी सामाजिक वानिकी प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद अयूब को मिली तो उन्होंने वन दारोगा रामाधार, अजमेर सिंह, कर्मचारी मुस्ताक अहमद, सुरजीत के साथ पहुंचकर घेराबंदी कर ली। वन विभाग की टीम को देखते ही लकड़कट्टों में भगदड़ मच गई। एक लकड़कट्टे को पकड़ लिया गया। काटी गई साल की लकड़ी, डीसीएम व तस्कर को रेंज कार्यालय पर लाया गया। पूछताछ करने पर लकड़कट्टें ने नाम फैजान पुत्र जलालुद्दीन निवासी शेरपुरकलां तहसील पूरनपुर बताया। उसने बताया कि आशिक और सरताज लकड़ी ठेकेदार हैं। वह दोनों गांव के ही बबुआ, फैजान पुत्र ललूआ, मोहसिन, बड़े जी, उवैश, आजाद, तालिब कुर्रैशी और तीन अन्य लोग निवासी शेरपुरकलां को अपने साथ लेकर गए थे। रेंजर ने बताया कि सभी आरोपितों के खिलाफ केस काट दिया गया है और मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अन्य पर आरोपितों की तलाश को टीम लगी हुई है।