govt job form in railway recruitment

व‌र्ल्ड-10 के रन लिए दिए गए फंड का ऑडिट अब कैग करेगी। कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा परीक्षा) ने खेल विभाग से इस बारे में दस्तावेज मांगे हैं। नौ जुलाई को जारी पत्र में खेल विभाग से पूछा गया है कि यह प्राइवेट आयोजन क्यों और किसके आदेश से हुआ? जागरण ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद स्थानीय अधिकारी भी अलर्ट हो गए थे। हाइटाइम सोल्युसंस एंड वीमन स्पो‌र्ट्स फाउंडेशन के सीईओ पीयूष सचदेवा हरियाणा के कई जिलों में मैराथन करवा चुके हैं। करनाल व कुरुक्षेत्र में मैराथन के नाम पर सरकार से 50 लाख ले चुके हैं। करनाल में 15 लाख और कुरुक्षेत्र में 35 लाख मैराथन के लिए इस प्राइवेट फर्म को दे दिए गए। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने जगदीप ¨सह को पद से हटा दिया था। फाइल नहीं रुकती तो फिर 40 लाख ले जाते