गैस सूच लस्ट

मौसम विज्ञानी ने बताया कि अब नम हवा का आना कम हो गया है। राजस्थान थार मरुस्थल से गर्म हवाएं फिर से आना शुरू हो गई हैं। इसका असर गंगा के मैदानी इलाकों में ज्यादा पड़ता है। अगले पांच दिन आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहने और तापमान बढ़ने के आसार हैं। वहीं इस बार मार्च से लेकर मई के बीच प्री-मानसून बारिश सबसे कम दर्ज की गई है। मार्च से मई के बीच सबसे कम महज 0.2 मिलीमीटर बारिश ही हुई है।