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देवा नंद शर्मा फरीदकोट : फरीदकोट जिले के कोठे चहिल का प्राइमरी स्कूल एक साल तक एक विद्यार्थी के साथ ही चलता रहा है, जबकि यहां दो अध्यापक मौजूद थे। दो जून, 1986 को बने इस स्कूल में अब तक 266 बच्चे ही पढ़ने के लिए आए हैं। स्कूल के पहले विद्यार्थी बलवंत ¨सह अब स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन हैं। फरीदकोट से चार किलोमीटर की दूरी पर बने इस स्कूल में इस समय कुल 11 विद्यार्थियों का दाखिला बताया जा रहा है। दिलचस्प है कि इन 11 में से 8 विद्यार्थी कोठे चहल के निवासी ही नहीं हैं। विद्यार्थियों की संख्या तीन होने के कारण लंबा समय यहा बने दो क्लास रूमों को इस्तेमाल करा ही नहीं गया। दो अध्यापकों वाले इस स्कूल में पिछले दो सेशन से तीन विद्यार्थी ही पढ़ रहे हैं। यहां वोटरों की संख्या 200 से अधिक है। इस गाव के 6 विद्यार्थी गांव के स्कूल की जगह इस स्कूल से चार किलोमीटर दूर फरीदकोट के निजी स्कूल में पढ़ने जाते हैं। स्कूल मैनेजमेंट समिति के चेयरमैन बलवंत ¨सह ने कहा कि जब इस स्कूल में विद्यार्थियों की कमी थी, तब तो सरकार ने इस को बंद करन का फैसला नहीं लिया और अब जब इस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की आशा जागी तो सरकार ने इस स्कूल को बंद करके यहां से पाच किलोमीटर दूर गांव बीड़ चहल के स्कूल में मर्ज करने का फैसला किया है। चेयरमैन बलवंत ¨सह ने कहा कि गाव कोठे चहल का स्कूल बंद नहीं होना चाहिए, क्योंकि यदि यह स्कूल बंद होता है तो यहा पढ़ने वाले बच्चे भी पढ़ाई से वंचित रह जाएंगे।