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वहीं ढिबरा मजदूरों ने बताया कि कोडरमा पुलिस बेवजह उन्हें परेशान कर रही हैं और ढिबरा मजदूरों पर झूठा मुकदमा कर उन्हें जेल भेज रही हैं। ढिबरा मजदूर लगातार 28 फरवरी से दिन रात धरना पर बैठे हैं। इसमें सैकड़ों महिलाएं अपने बच्चों के साथ बैठी हैं। लेकिन सरकार या जिला प्रशासन का कोई नुमाईंदा उनकी सुध लेने पहुंचा है। मजदूरों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे नही मानी जायेगी उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। रात में भी सैकड़ो महिला पुरुष धरना स्थल पर जमे रहेंगे। सभी लोग यहीं खाते हैं और रात में यहीं सो जाते हैं। रात में मनोरंजन के लिए महिलाएं जहां गीत गाकर एकजुटता का परिचय देती है, वही पुरुष मजदूर ढोल मजीरा के साथ रात में अपना समय काटते हैं।