दर्द के बन मल में रक्त

जनपद के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग आधा सैकड़ा उपकेंद्र संचालित हैं। वर्तमान में धान की फसल खेतों में खड़ी है, आलू की बुवाई शुरू हो चुकी है। नलकूप फीडरों पर विभाग की ओर से 10 घंटे आपूर्ति दिए जाने का रोस्टर लागू है। इसमें भी सात से आठ घंटे अघोषित कटौती हो जाती है। इससे किसानों को उनकी फसलों की सिचाई के लिए बिजली नहीं मिल पाती है, वहीं घरेलू उपभोक्ता भी परेशान रहते हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 18 घंटे का रोस्टर लागू है। उपकेंद्रों पर तैनात कर्मचारी अधिकारियों के निर्देश पर आपूर्ति का फर्जी विवरण दर्ज करते हैं। जिसमें कभी-कभी रोस्टर से अधिक आपूर्ति दिए जाने का विवरण भी दर्ज कर दिया जाता है। फर्जी आंकड़ों पर स्थानीय अधिकारियों के अलावा ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी अपनी पीठ थपथपाते हैं, जबकि हकीकत कुछ और है। अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आपूर्ति व कटौती का आदेश लखनऊ से ही उपकेंद्र को भेजा जाता है। अभी फिलहाल सात से आठ घंटे कटौती की जा रही है। बुधवार से आपूर्ति व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है।