द न क ज गरण kaithal news

इंटरनेट मीडिया से गीतों का बढ़ रहा क्रेज: चुनावी गीत-संगीत से इंटरनेट मीडिया गुलजार है। इसमें भी भोजपुरी को खास तौर पर पसंद किया जा रहा है। कौन सी धुन श्रोताओं को कब भा जाए और कौन सा गीत रातों-रात हिट हो जाए यह किसी को नहीं पता। कलाकार एक ही गीत को अलग-अलग धुनों पर अपनी आवाज दे रहे हैं। कलाकारों का मानना है कि जो राशि तय की है वह डिजिटल माध्यम के लिए तो ठीक है लेकिन मंच का कार्यक्रम इतने राशि में संभव नहीं हो सकेगा। रैलियों और रोड शो पर पाबंदी के कारण निर्वाचन के आरंभिक दौर में ही प्रचार की कमान लोक गायकों ने थाम ली है। वह अपनी गायकी से पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। बड़े कलाकारों के साथ-साथ छोटे कलाकारों को भी डिजिटल मंच मिला है। राजनीतिक दल इन कलाकारों के माध्यम से अपना बखान करा रहे हैं, हालांकि कुल मिलाकर जनता आनंद ले रही है।