ब्लू फल्म सेक्स वडय फल्म सेक्स

पीटीआई ॥ नई दिल्ली भारत ने इस खुफिया सूचना पर अफगानिस्तान में अपने दूतावासों और अन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सख्त कर दी कि लादेन के सफाए के बाद तालिबान और अन्य आतंकवादी गिरोह भारतीय हितों को निशाना बना सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि काबुल में भारतीय दूतावास और कंदहार, जलालाबाद, मजार-ए-शरीफ और हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावासों को हमेशा से हमलों के गंभीर खतरे का सामना करना पड़ता रहा है। पर ओसामा के मारे जाने के बाद भारतीय प्रतिष्ठानों और भारतीय अवाम के लिए खतरे का स्तर बढ़ गया है। सूत्रों ने बताया कि खुफिया सूचनाओं में कहा गया है कि तालिबान के हक्कानी गुट या पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैबा जैसे आतंकवादी समूह भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावासों के अतिरिक्त भारतीय पुनर्निर्माण परियोजनाओं को भी निशाना बना सकते हैं। सूत्रों ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर कहा कि आतंकवादी कार बम विस्फोट या गोलीबारी जैसे हमले कर सकते हैं। गौरतलब है कि अफगानिस्तान में चिकित्सा सुविधाओं, रेलवे और सड़क निर्माण जैसी विभिन्न परियोजनाओं में तकरीबन 4,000 भारतीय तैनात हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिसबल के तकरीबन 200 कर्मियों को सतर्क किया गया है। ये दूतावास की सुरक्षा में लगे हैं। 2008 में इन पर दो बार हमला हो चुका है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने तमाम लोगों के लिए अधिकतम सुरक्षा का आदेश दिया है। अफगानिस्तान से भी मदद मांगी जा रही है।