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कोरोना ने महामारी का रूप ले लिया है। लगातार संक्रमित मिल रहे हैं। अधिकांश लोग चाहते है कि उनकी जांच आरटीपीसीआर से ही हो। वहीं, कई कार्यालयों में भी आरटीपीसीआर से ही कोविड-19 की जांच को माना जाता है। प्रतिदिन करीब दो हजार लोगों के सैंपल जांच को मेरठ भेजे जाते हैं। मेरठ लैब से जांच रिपोर्ट आने में कम से कम तीन दिन का समय लगता है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने तक लोग परेशान रहते हैं। इस दौरान उन्हें नहीं पता होता कि वह निगेटिव है अथवा पाजिटिव। ऐसे स्थिति में वह लोगों से मिलते है। इनमें से यदि कोई पाजिटिव हुआ तो वह रिपोर्ट आने तक कई को संक्रमित कर चुका होता है।