bihar govt recruitment 2018

हालात का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि कई महत्वपूर्ण काउंटर बंद चल रहे हैं। पूरे उत्तर प्रदेश से कोई भी एआरटीओ इटावा आने को तैयार नहीं हैं। कानपुर देहात के एआरटीओ संजीव कुमार ¨सह को यहां का चार्ज दिया गया है परंतु वे भी यदाकदा आकर खाना पूरी कर जाते हैं। विभाग के दिन उस समय से खराब हो गए जब पूर्व एसएसपी वैभव कृष्ण ने 18 मार्च को कार्यालय में छापा मारकर दो एआरटीओ को जेल भेज दिया था। केवल रह गए तीन लिपिक विभाग को इस समय आठ लिपिकों की जरूरत है जिसमें से केवल तीन लिपिक ही रह गए हैं। बीते दिनों रत्नेश पांडेय का मिर्जापुर, बच्चा लाल का इलाहाबाद व पूनम चौहान का कानपुर स्थानांतरण कर दिया गया। उनकी जगह दो लिपिकों को गाजियाबाद व झांसी से इटावा भेजा गया है। परंतु वे भी नहीं आए। प्रवर्तन से दो सिपाही मुस्तकीन को महोवा व सुरेश कुमार को झांसी स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह भी अभी रिक्त है। एआरटीओ सौरभ कुमार को 18 दिन पूर्व इटावा के लिए तबादला किया गया था परंतु वे भी नहीं आए। जानकारी मिली कि वे अपना तबादला रुकवाने में लगे हुए हैं। ऐसे में केवल एक यात्री कर अधिकारी अर¨वद कुमार जैसल पूरे विभाग का बोझ लादे हुए हैं। ड्राइ¨वग लाइसेंस के लिए भटक रहे लोग विभाग में सबसे ज्यादा जरूरत लोगों को ड्राइ¨वग लाइसेंस की होती है। प्रतिदिन करीब डेढ़ सौ नए लाइसेंस के आवेदन किए जाते हैं। इस सीट पर कोई भी लिपिक न होने की वजह से करीब 500 लाइसेंस लोगों के अटके पड़े हैं। यह लाइसेंस कब मिलेंगे यह कोई बताने वाला नहीं है। लाइसेंस का काम पहले प्राइवेट संस्था के पास था परंतु अब उसे हटा कर दूसरा काम दे दिया गया है। लाइसेंस के लिए भटक रहे पुराना शहर निवासी रामकुमार का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं परंतु कोई काम नहीं हो रहा है। सिविल लाइन निवासी घनश्याम किशोर वाजपेयी का कहना था कि उनकी कार का लाइसेंस हरियाणा का है वे एनओसी के लिए कई चक्कर काट चुके हैं परंतु काम अभी तक नहीं हुआ है। सीमित संसाधन से हो रहा काम यात्री कार अधिकारी अर¨वद कुमार जैसल का कहना है कि उनके पास जितनी मैन पॉवर उपलब्ध है उसी हिसाब से काम किया जा रहा है। अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी के कारण स्वाभाविक तौर पर काम प्रभावित हो रहा है। कुछ नए लिपिक और मिल जाएं तो काम पटरी पर आ सके। इसके लिए उच्च अधिकारियों को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं।