bigg boss marathi आपल धन यव द

प्रखंड क्षेत्र में मात्र 10 फीसद ऊंचे खेतों मे हीं धान की रोपनी हो पाई है। कर्ज में डूबे किसान गत वर्ष भी खरीफ फसल क्षति का मुआवजा नहीं मिलने से त्राहिमाम की स्थिति में हैं। गरीब, मजदूर और किसान पहले हीं पलायन कर चुके हैं। इस बीच, 12 सरकारी एवं 8 निजी नावों के परवाना पर चलने का दावा किया जा रहा है। जबकि जमीनी हकीकत है कि अधिकतर सरकारी नाव पुराने एवं जीर्णशीर्ण अवस्था में हैं। औराई के महेशवाड़ा में तीन, अतरार में एक एवं बेनीपुर में एक सामुदायिक किचेन चलाए जाने की बात सीओ ज्ञानानंद ने बताई। जबकि मधुबन प्रताप, पटोरी टोला सहित बांध के अंदर रह रहे पीडि़त सुविधाओं से वंचित हैं।