भरत शर्म mp3

जय देवी ने बताया कि गोबर, गोमूत्र, बेशन व गुड़ से जैविक खाद तैयार करती हैं। एक लीटर दही को सात दिन तक डिब्बे में रखने के बाद 15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने पर यूरिया खाद जैसा असर फसल पर होता है। इस खेती में कम लागत में अच्छा व गुणवत्ता परक उत्पादन होता है। लखनऊ की मंडी तक सब्जियां पहुंचती हैं। कोराना काल में लखनऊ सब्जियां नहीं जा पाती थीं तो स्थानीय बाजारों में बिकती थीं। समूह को 50 हजार रुपये ऋण मिला था जिससे जैविक खेती को बल मिला। जय देवी के पति राजेंद्र कुमार गोस्वामी सब्जी की विक्री में सहयोग करते हैं। कोषाध्यक्ष मायादेवी व अध्यक्ष रामावती ने भी एक-एक एकड़ में जैविक खेती की है। इसी तरह सूरतगंज ब्लाक में 419 महिला समूहों की महिलाओं ने खेती में रोजगार तलाशा है।