army recruitment rally in 2018-19

कैसे? आइए, सबूतों पर गौर फरमाते हैं. कांग्रेस ने 17 अप्रैल को दिल्ली नगर निगम चुनाव हारकर अपने पतन की तस्दीक कर दी. उसी रोज चौधरी वीरेंद्र सिंह ने टीवी पर हवाबाजी कर डाली कि गलती दरअसल वोटर की थी; वोटर को पता ही नहीं था कि वह क्या कर रहा है. कोई डेढ़ सौ साल पहले गालिब के जमाने में चुनाव नहीं होते थे, और अगर होते भी तो शायद वे वोट न डालते, लेकिन खयालों की दुनिया में जो आराम मिलता है, उससे वे बहुत वाकिफ थे. तभी उन्होंने कहा थाः हमको मालूम है जन्नत की हकीकत लेकिन/दिल के बहलाने को गालिब ये खयाल अच्छा है.