apsbcl aao deo wine shop jobs recruitment 2019

नरेश कद, कपूरथला : जिले में दिन प्रतिदिन वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन वाहनों में बड़ी संख्या में पुराने वाहन भी शामिल हैं, जो कंडम हो चुके हैं। ऐसे वाहनों की फिटनेस की पड़ताल के लिए ना तो ट्रैफिक पुलिस गंभीर है और ना ही परिवहन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस का ध्यान सिर्फ कामर्शियल वाहनों पर होता है जबकि शहर की सड़कों पर चलने वाले सैकड़ों आटो, कार, बस, बाइक, स्कूटर कंडम हो चुकें है। ऐसे वाहनों के कारण लोगों का जीवन हमेशा जोखिम में रहता है। जिले में वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए कोई इंतजाम ही नहीं है। मशीनों का काम अफसरों की आंखें कर रही हैं। एक सरसरी निगाह दौड़ाने में भी अफसरों को संकोच है तभी तो बिना बैक लाइट और इंडीकेटर के वाहन सड़क पर फर्राटा भरते नजर आते हैं। फाग लाइट और रिफलेक्टर तो अभी काफी दूर की कड़ी हैं। कंडम वाहन जब सड़क पर दौड़ते हैं, तो यह यमराज से कम साबित नहीं होते।