8 महने के बच्चे क कतन बर दूध पलन चहए

विधानसभा चुनाव के पहले पटेल आरक्षण के मुद्दे पर हार्दिक ने ओबीसी, अल्पेश ने शराबबंदी और जिग्नेश ने दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला था। चुनाव के दौरान कांग्रेस ने इन तीनों का जमकर इस्तेमाल किया। भाजपा किसी तरह अपनी सरकार बचाने में सफल रही। लेकिन डेढ़ साल बाद हालत यह है कि जिग्नेश मेवाणी ने गुजरात की चुनावी सरगर्मी से खुद को दूर कर लिया है और यहां की बजाय बिहार के बेगूसराय में कन्हैया कुमार के चुनाव प्रचार में दिख रहे हैं। जिग्नेश कांग्रेस के समर्थन के बल पर निर्दलीय जीते थे। जाहिर है उनकी अनुपस्थिति में दलित वोटों को विधानसभा चुनाव की तर्ज पर अपने पक्ष में करना कांग्रेस के लिए मुश्किल होगा। वहीं कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने वाले अल्पेश