3rd grade teacher recruitment

नगर निगम की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। अधिकारियों की फौज जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों का बोर्ड बनने के बाद भी शहर में पेयजल का भारी संकट बना हुआ है। कच्ची गलियां और उफनते नाले नालियों से लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है, जिसके चलते नगर निगम कार्यालय में आए दिन हंगामा होता रहा है। निगम में मारपीट की घटनाएं भी हो चुकी हैं। ठेकों को लेकर भी गुटबाजी और शिकायतों का सिलसिला चलता रहता है। शासन तक यह सारी बातें पहुंच रही हैं। सूत्रों के अनुसार इन समस्याओं का हल खोजने के लिए मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त के राममोहन राव को निर्देश दिए हैं कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन नगर निगम जाकर वहां का कामकाज देखें।