11015 कुशनगर एक्सप्रेस live status

-बंदर, तितली, गिद्ध, गौरैया, कछुए की प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। इनके प्रजनन के लिए प्रयास जारी हैं। जनता को भी इनके संरक्षण, पालीथिन के कम प्रयोग और पौधरोपण की दिशा में पहल करनी होगी। -केके सिंह, निदेशक, कानपुर प्राणि उद्यान