पशुओं के रग

यह तो उदाहरण मात्र है। सबौर के जिला परिषद सदस्य अरविंद मंडल, महेश यादव, पीरपैंती के प्रणव यादव ने भी चिकित्सों की कमी का मामला उठाया था। इस्माइलपुर के विपिन मंडल ने स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की थी। इनके अलावा अन्य सदस्यों ने चिकित्सों का मामला उठाया था। लेकिन अभी भी स्थिति वहीं है, जो पांच वर्ष पहले थी। कुछ बदलाव भी हुआ है।